लोगों ने महामारी के दौरान योग के वास्तविक मूल्य को जानना शुरू कियाः नाइक

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आयुष मंत्री श्रीश्रीपद वाई नाईक ने कहा है कि कोविड महामारी के दौरान, योग जो कि भारत द्वारा दुनिया को दिया गया एक उपहार है – ने लोगों को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रबंधित करने में मदद की है। उन्घ्होंने कोविड-काल में द योगा इंस्टीट्यूट मुंबई द्वारा शुरू की गयी पहलों और व्घ्यक्ति व समाज के प्रति 102 वर्षों से उनकी सतत समर्पित सेवा,दोनों के लिए ही द योगा इंस्घ्टीट्यूट मुंबई की प्रशंसा की।
माननीय मंत्री नाईक, द योगा इंस्घ्टीट्यूट के 102 वर्ष पूरे होने पर आयोजित वर्चुअल मीट के मुख्घ्य अतिथि थे, जहां उन्घ्होंने द योगा इंस्घ्टीट्यूट के मेडिटेशन एप्घ्प, निस्घ्पंद को भी सॉफ्ट-लॉन्घ्च किया और द योगा इंस्घ्टीट्यूट की कोविड से जुड़ी अनेक पहलों के लिए इनकी सराहना की। मंत्रीश्री नाईक ने कहा कि 102 वर्षों से दुनिया भर के लोगों की उत्घ्कृष्घ्ट सेवा में समर्पित द योगा इंस्घ्टीट्यूट की पूरी टीम को मैं बधाई देता हूं। आपके समर्पण, ईमानदारी और सत्घ्य-निष्घ्ठा से योग की अनमोल भारतीय परंपराओं को संरक्षित रखने और दुनिया भर के लोगों के दैनिक जीवन में बदलाव लाने में मदद मिल रही है। आप विश्घ्व-शांति हेतु अपना अमूल्घ्य योगदान दे रहे हैं। योग, भारत द्वारा दुनिया को दिया गया उपहार है, और द योगा इंस्घ्टीट्यूट ने इसे ध्घ्यानपूर्वक लोगों तक पहुंचाने का सुंदर काम किया है। मंत्री श्री नाईक ने कहा कि कोविड-19 के इस मुश्किल समय में, लोगों ने योग के वास्घ्तविक मूल्घ्य को जानना शुरू किया है। योग ने न केवल लोगों के शारीरिक स्घ्वास्घ्थ्घ्य एवं प्रतिरक्षा को प्रबंधित करने में मदद की, बल्कि इसने उनका मानसिक एवं भावनात्घ्मक कल्घ्याण करने का भी काम किया।श्श्मंत्रीश्री नाईक ने द योगा इंस्घ्टीट्यूट द्वारा कोविड-काल में शुरू की गयी पहलों की सराहना करते हुए कहा, अन्घ्नम ब्रह्म अभियान के जरिए निरूशुल्घ्क भोजन उपलब्घ्ध कराने से लेकर फ्रंटलाइन वॉरियर्स की सहायता करने तक, द योगा इंस्घ्टीट्यूट ने बढ़-चढ़कर अपने कर्तव्घ्यों का निर्वाह किया और लोगों के जीवन को सकारात्मक तरीके से प्रभावित करने हेतु हरसंभव प्रयास किया।

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