उत्तराखंड: पहाड़ से मैदान तक बारिश, बदरीनाथ- यमुनोत्री हाईवे बंद, अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ा

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उत्तराखंड में शनिवार देर रात से ही पहाड़ से मैदान तक बारिश हो रही है। मैदानी इलाकों में जहां मानसून की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई वहीं, पहाड़ी इलाकों में मानसून अभी से कहर बरपा रहा है। रामनगर, नैनीताल, काशीपुर के साथ ही राजधानी देहरादून समेत आस पास के क्षेत्रों में भी बारिश से तापमान में गिरावट आई है।

आंधी-तूफान से पेड़ भी गिर रहे हैं। पहाड़ी से भूस्खलन होने से कई जगह रास्ते बंद हैं। मलबा आने से लोगों के घरों में पानी भी घुस गया है। उधर, पिंडर और अलकनंदा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
हरिद्वार में रविवार सुबह तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है। वहीं, कनखल के लाटो वाली कॉलोनी में भी पानी भरा गया है। बारिश के कारण चंडी देवी के पहाड़ से पत्थर भी गिर रहे हैं। इसके चलते रास्ता बंद हो गया है।
वहीं, भवाली अल्मोडा़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जौरासी के पास घास काटकर कोसी नदी पार कर रही तीन महिलाएं पानी के तेज उफान में बहने से लापता हो गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और भवाली कोतवाली समेत खैरना चौकी पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने मिहलाओं की खोजबीन शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है।

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शनिवार देर रात को पहाड़ों की रानी मसूरी में बारिश का कहर देखने को मिला। अचानक हुई तेज बारिश से मसूरी के मौसानिक लॉज बस स्टैंड के पास एक बड़ा पेड़ अचानक गिर गया। जिसकी चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ी तीन टैक्सी कार क्षतिग्रस्त हो गईं।

गनीमत रही कि पेड़ गिरते समय कोई व्यक्ति उसकी चपेट में नहीं आया। वहीं पास में ही देवी गोदियाल के गेस्ट हाउस को भी हल्का नुकसान पहुंचा है। उधर, सड़क पर पेड़ गिरने से मार्ग भी बंद हो गया है।
बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे बंद
पहाड़ में दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण बदरीनाथ नेशनल हाईवे सुबह तोता घाटी और सकनिधार के बीच बंद हो गया है। बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। बता दें कि पीपलकोटी में  भनेरपाणी में चट्टान से मलबा और बोल्डर आने की वजह से बदरीनाथ हाईवे शनिवार को भी करीब 13 घंटे बाधित रहा था।

यमुनोत्रीधाम सहित यमुना घाटी में भी आधी रात से बारिश हो रही है। यमुनोत्री हाईवे ओजरी डबरकोट मे मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया है। हाईवे को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।

शुक्रवार की रात से ही बारिश के कारण चमोली जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पहाड़ियों से मलबा सड़कों तक आ गया है। वहीं, करीब एक दर्जन दुकानों और घरों में पानी भी घुस गया। उधर, कुमाऊं के बागेश्वर में कलना बैंड के पास सड़क का करीब 10 मीटर तक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
बारिश से अलकनंदा और पिंडर नदियों का जलस्तर बढ़ा
कर्णप्रयाग में शनिवार रात से लगातार मूसलाधार बारिश होने से अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं, पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों पर मलबा आ गया है। कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर मोहल्ले में सड़क का पानी लोगों के घरों में घुस गया।

स्थानीय निवासी ईश्वरी मैखुरी, जगदीश सेमवाल ने कहा कि एनएच कार्यदायी संस्था ने हाईवे के किनारे नालियां नहीं बनाई हैं, जिससे उनके घरों में बारिश का पानी और मलबा भर गया है।

कर्णप्रयाग-नैनीसैंण सड़क पर भी मलबा आने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा सिमली-शैलेश्वर, सिमली बेनीताल, जेकंडी-मैखुरा सड़क पर पत्थर गिरने से खतरा बना हुआ है।

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