तस्करों से बरामद नाबालिग ने बताई ऐसी आपबीती, सुनकर पुलिस टीम के सदस्य रह गए अवाक

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पुलिस की कार्रवाई में तस्करों के पास से बरामद की गई नाबालिग ने जो आपबीती बताई उसे सुनकर टीम में शामिल सदस्य भी अवाक रह गए। करीब 14 साल की नाबालिग तीन साल से अलग-अलग स्थानों पर हवस का शिकार बनती चली आ रही है।

पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह चार बहन और एक भाई हैं। उसके पिता टुकटुक चलाते हैं, जबकि मां लोगों के घरों में सफाई का काम करती है। वह लोग रुद्रपुर में किराए के मकान में रहते थे।
करीब तीन वर्ष पहले नाबालिग के पड़ोस में रहने वाली पूजा नामक महिला उसे एक दुकान में 5000 रुपये प्रति माह में काम कराने के नाम पर ले गई थी। लेकिन उससे जबरन देह व्यापार कराया जाने लगा, जब इसका पता नाबालिग के पिता को लगा तो उन्होंने पूजा को भगा दिया।
इसके कुछ ही दिनों बाद एक अन्य टुकटुक वाले (नाबालिग नाम नहीं जानती है) ने उसकी माता से ऑफिस में काम दिलाने और प्रतिमाह दस हजार रुपये दिलाने की बात कह कर उसे महाराजपुर किच्छा में कंचन नामक महिला के पास ले जाकर छोड़ दिया।

जहां कंचन ने भी उसे देह व्यापार के दलदल में ढकेल दिया और अलग-अलग जगह ले जाकर उससे घृणित कार्य कराया। मंगलवार को कंचन मंडल उसे शादी कराने की बात कहकर टनकपुर लेकर आई थी। कहा था कि लड़के के साथ शादी होने के बाद उसके घर जाना है और वहां पर जेवर आदि बनवा लेना है।

उसके बाद हम तुझे वहां से विदा करवा कर ले आएंगे, फिर तू यहीं रहना। नाबालिग का कहना है कि उसने शादी के लिए इसलिए हां कर दी थी कि वह देह व्यापार के जंजाल से बाहर निकलना चाहती थी, यदि शादी हो जाती तो वह कभी वापस नहीं जाती।
गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम में ये रहे शामिल
महिलाओं की तस्करी मामले का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बनबसा की प्रभारी मंजू पांडेय, कांस्टेबल गणेश बिष्ट, रवि जोशी, मुन्ना सिंह, सुभाष जोशी के अलावा मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय शुक्ला, रीड्स संस्था के प्रकाश आर्य और भावना चंद आदि शामिल रहे।

ग्राहक बनकर, गिरफ्तार कीं महिलाएं

मुखबिर से इनपुट मिलने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की प्रभारी ने महिला तस्करों के पास ग्राहक बनकर जाने का प्लान बनाया। तय हुआ कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के हेड कांस्टेबल रवि चंद्र जोशी और मानव अधिकार कार्यकर्ता विनय शुक्ला ग्राहक बनकर शादी के लिए लड़की की बात करने जाएंगे।

तय प्लान के मुताबिक दोनों राजकुमारी के पास पहुंचे और खुद को दिल्ली निवासी बताते हुए शादी के लिए लड़की उपलब्ध कराने की बात की।
ग्राहकों पर पूरा यकीन होने के बाद तीनों महिलाएं चार लाख रुपये में लड़की की व्यवस्था कराने को तैयार हो गईं। मंगलवार को गिरोह की सदस्य राजकुमारी ने रवि चंद्र जोशी (हेड कांस्टेबल ) को फोन करके बताया कि वे लड़की को लेकर टनकपुर आ रहे हैं।

इस पर जोशी ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की मंजू पांडेय के कहने पर राजकुमारी को नगर की एक धर्मशाला का पता देते हुए वहां आने को कहा, जहां पहले से एक कमरा बुक कराया गया था।

पहली टीम में कांस्टेबल मुन्ना सिंह और विनय शुक्ला लड़के के परिवार वाले बनकर धर्मशाला पहुंचे और गिरोह के सदस्यों के मिलकर लेन-देन की बात करने लगे। तभी दूसरी टीम में शामिल सेल की प्रमुख मंजू पांडेय के नेतृत्व में पहुंची टीम ने राजकुमारी और उसके गिरोह की दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

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